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संचालनालय द्वारा दी जाने वाली सुविधायें

  • प्रदेश के 37 जिलों में स्थित कृषि अभियांत्रिकी के कार्यालयों/यूनिटों में 275 टे्रक्टर्स (उन्नत कृषि यंत्रों के साथ) शासन द्वारा निर्धारित किराये पर कृषकों को कार्य हेतु उपलब्ध कराये जाते हैं।
  • निर्धारित किराया राशि एवं आवश्यक होने पर यातायात की राशि अग्रिम रूप से जमा करायी जाना होती है।
  • चाहे गये उन्नत कृषि यंत्र (उस कार्यालय/यूनिट में उपलब्धता अनुसार) के साथ टे्रक्टर द्वारा जमा राशि की सीमा तक कृषक का कार्य किया जाता है। आवश्यक होने पर अतिरिक्त राशि जमा करायी जाकर कार्य बढ़ाया जा सकता है।
किससे संपर्क करे :-

प्रदेश के 37 जिलों में सहायक कृषि यंत्री अथवा यांत्रिकी सहायक से संपर्क करें।

  • हितग्राहियों का चयन ऑनलाइन के माध्यम से होता है विभागीय वेबसाइट http://mpfsts.mp.gov.in
  • शासन द्वारा कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को केंद्र में रखे जाने वाले ट्रेक्टर, मशीनों एवं कृषि यंत्रों की लागत पर सामान्य श्रेणी के आवेदकों को 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आवेदकों को लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम राशि रू. 10 लाख तक की अनुदान सहायता दी जाती है ।
  • केन्द्र द्वारा किराया आधार पर कृषकों को कृषि कार्यो हेतु मशीनें एवं यंत्र उपलब्ध कराये जाते है ।
  • 40 वर्ष तक की आयु तथा न्यूनतम १२ वी कक्षा उत्तीर्ण की शैक्षणिक योग्यता वाला कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है। कृषि अभियांत्रिकी , कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में स्नातक उपाधि प्राप्त व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाती है।
  • वर्ष के प्रारंभ में जिलेवार आवेदन प्राप्त किये जाते है। इसके लिए प्रदेश के समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित की जाती है ।
  • अनुदान सहायता हेतु बैंक ऋण प्रकरण तैयार करवाना आवश्यक होता है। अधिकतम राशि रू. 25 लाख तक का ऋण प्रकरण तैयार करवाया जा सकता है।
  • एक ग्राम तथा एक परिवार को एक ही केन्द्र आवंटित हो सकता है।

किससे संपर्क करे :-

जानकारी हेतु अपने जिले से संबंधित संभागीय कृषि यंत्री से संपर्क करें।

  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत शासन द्वारा एक खेत की गहरी जुताई करवाने के लिये लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम रूपये 2000 तक की अनुदान सहायता दी जाती है।
  • सहायता हेतु पात्रता निम्नानुसार होती है -
    • अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के सभी कृषक अधिकतम 4 हेक्टेयर तक गहरी जुताई कार्य करवा सकते है।
    • सामान्य वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषक अधिकतम 2 हेक्टेयर तक गहरी जुताई कार्य करवा सकते है।
  • अनुदान सहायता प्राप्त करने के लिये कार्य के पहले ग्राम के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को निर्धारित प्रारूप में आवेदन देना होता है। कार्य की स्वीकृति प्राप्त होने पर किसान को टे्रक्टर की व्यवस्था स्वयं करके कार्य कराया जाना होता है।
  • गहरी जुताई 6 इंच से अधिक गहरी होना चाहिये। इस कार्य के लिये मोल्ड बोल्ड (एम.बी.प्लाऊ) डिस्क प्लाऊ या रिवर्सिबल प्लाऊ का उपयोग किया जायेगा। कल्टीवेटर, डिस्क हेरो, रोटावेटर एवं मिनी प्लाऊ की जुताई मान्य नहीं होगी।
  • कार्य के बादकार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र कृषक द्वारा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को जमा किया जाना होगा।

किससे संपर्क करे :-

स्वयं के ग्राम के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क करें।

  • कृषकों को उन्नत कृषि यंत्रों के संबंध में जानकारी देने, यंत्रों के उपयोग तथा रख-रखाव की विधि बताने एवं यंत्र के उपयोग से होने वाले लाभ को प्रदर्शित करने के उद्‌देश्य से उन्नत कृषि यंत्रों का प्रदर्शन कार्य खेतों में किया जाता है।
  • प्रदर्शन कार्य हेतु क्षेत्र का चयन विभागीय अधिकारियों द्वारा स्वयं किया जाता है परंतु यदि कृषक चाहें तो किसी यंत्र विशेष के प्रदर्शन हेतुजिले के सहायक कृषि यंत्री से अनुरोध कर सकते है। प्राप्त अनुरोध पर विचार के उपरांत सहायक कृषि यंत्री द्वारा प्रदर्शन के संबंध में निर्णय लिया जायेगा।
  • प्रदर्शन कार्य हेतु कोई शुल्क/किराया नहीं लिया जाता है।

किससे संपर्क करे :-

जिले के सहायक कृषि यंत्री से अनुरोध कर सकते है।

  • कृषकों को कृषि यंत्रीकरण की तकनीकों, नवीन कृषि यंत्रों के संबंध में प्रशिक्षण तथा उन्नत कृषि विधियों की जानकारी देने हेतु विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाते है।
  • प्रशिक्षण के सभी कार्यक्रम निःशुल्क होते है। प्रशिक्षण यंत्रदूत ग्रामों आदि में किया जाता है परंतु यदि कृषक चाहें तो अपने ग्राम में प्रशिक्षण आयोजित करने हेतुजिले के सहायक कृषि यंत्री से अनुरोध कर सकते है। प्राप्त अनुरोध पर विचार के उपरांत सहायक कृषि यंत्री द्वारा प्रशिक्षण के संबंध में निर्णय लिया जायेगा।

किससे संपर्क करे :-

जिले के सहायक कृषि यंत्री से अनुरोध कर सकते है।